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हिमाचल में सरकारी योजनाओं में बड़ा फर्जीवाड़ा, मृतकों को भी मिला पैसा

➤ सहारा और मुख्यमंत्री आवास योजना में मृतकों के नाम पर भुगतान
➤ 42,867 फर्जी और मृत लाभार्थी हुए चिन्हित
➤ आईटी और डाटा मैपिंग से होगी सख्त कार्रवाई


हिमाचल प्रदेश में सरकारी योजनाओं के नाम पर बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राज्य की सहारा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में ऐसे लाभार्थियों को भी पैसा दिया जा रहा था, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो योजनाओं के लिए अपात्र थे।

यह मामला वित्तीय सुधार टास्क फोर्स की बैठक में सामने आया। टास्क फोर्स के अध्यक्ष आईएएस अभिषेक जैन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताया और दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए।

राज्य सचिवालय में हुई बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि मृत और फर्जी लाभार्थियों की जल्द पहचान कर उन्हें योजनाओं से बाहर किया जाए। इससे सरकारी खजाने पर पड़ रहे अनावश्यक बोझ को रोका जा सके।

सरकार अब जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन डेटा को योजनाओं के लाभार्थी रिकॉर्ड से मिलाएगी। इसके लिए एपीआई तकनीक, आईटी टूल्स और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से डाटा मैपिंग की जाएगी। सत्यापन के बाद गलत नाम हटाए जाएंगे।

इससे पहले भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 42,867 फर्जी लाभार्थी पकड़े गए थे। इनमें 37,335 मृत और 5,532 अपात्र लोग शामिल थे। इस पर भी कड़ी नाराजगी जताई गई थी।

मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सरकार अब सभी योजनाओं का डाटा ऑनलाइन कर रही है और मृत्यु प्रमाणपत्र अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसा फर्जीवाड़ा न हो सके।